‘दंगल’ फेम डायरेक्टर नितेश तिवारी जहां इन दिनों अपनी 4000 करोड़ी फिल्म ‘रामायणम्’ को लेकर लगातार चर्चा में हैं, वहीं उनकी पत्नी और दमदार डायरेक्टर अश्विनी अय्यर तिवारी भी 1000 करोड़ के बजट में अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बनाना चाहती हैं। ‘निल बटे सन्नाटा’ और ‘बरेली की बर्फी’ जैसी फिल्में बना चुकीं 46 साल की अश्विनी बताती हैं कि अगर उन्हें बड़े बजट की फिल्म डायरेक्ट करने का मौका मिलता है, तो वह एकसाथ दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और साई पल्लवी को कास्ट करना चाहेंगी। वह इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताती हैं।
‘रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल’ में डायरेक्टर अश्विनी अय्यर तिवारी ने कहा, ‘मेरी विश लिस्ट में कई नाम हैं, लेकिन अभी मेरी विश लिस्ट में दीपिका, आलिया और साई पल्लवी हैं। मुझे उम्मीद है कि तीनों मेरी बात सुन रही होंगी। मैं यह बात मेनिफेस्ट करते हुए यूनिवर्स में भेज रही हूं।’
‘एक महिला 1,000 करोड़ की फिल्म क्यों नहीं बना सकती?’
अश्विनी ने अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए फिल्म इंडस्ट्री के जेंडर डायनामिक्स के बारे में भी चर्चा की। वह कहती हैं, ‘एक महिला 100 या 1,000 करोड़ रुपये की फिल्म क्यों नहीं बना सकती? सिर्फ एक पुरुष डायरेक्टर ही क्यों बनाए? मेरे घर में भी एक डायरेक्टर हैं (पति नितेश तिवारी), लेकिन फिर भी।’
प्रोडक्शन स्टूडियो से मजबूत सपोर्ट जरूरी
अश्विनी अय्यर तिवारी अपनी बात को समझाते हुए कहती हैं कि एक बड़ा प्रोजेक्ट बनाने के लिए सिर्फ क्रिएटिव आइडिया नहीं, बल्कि और भी चीजों की जरूरत होती है। उनके मुताबिक, इसके लिए प्रोडक्शन स्टूडियो से मजबूत सपोर्ट मिलना बहुत जरूरी है। वह कहती हैं, ‘मैंने बस अपनी बात यूनिवर्स में भेज दी है, क्योंकि आपको एक तरह के प्लेटफॉर्म, बजट और बाकी सभी चीजों की जरूरत होती है। हो सकता है कि आज मेरे पास कोई आइडिया हो, लेकिन अगर स्टूडियो उसमें पैसा लगा रहा है, तो उन्हें भी उस पर उतना ही भरोसा और एक लॉन्ग-टर्म प्लान होना चाहिए। इसलिए, यह एक टू-वे प्रोसेस है।’
अश्विनी को पसंद हैं एक्शन से भरपूर फिल्में
अश्विनी आगे अपनी ड्रीम कास्टिंग के अलावा, भविष्य में एक्शन जॉनर में काम करने की चाह भी जाहिर करती हैं। इस क्रम में वह यश की ‘टॉक्सिक’ की डायरेक्टर गीतू मोहनदास का भी जिक्र करती हैं। मुंबई में पैदा हुईं अश्विनी कहती हैं, ‘मैं एक्शन फिल्में बनाना चाहती हूं। उनमें कुछ इमोशन भी होना चाहिए। मुझे एक्शन से भरपूर कहानियां पसंद हैं। मेरी कुछ सबसे पसंदीदा फिल्मों में एनिमेटेड फ्रेंचाइजी ‘द इनक्रेडिबल्स’, सुपरहीरो सागा ‘स्पाइडर-मैन’ और क्लासिक हिंदी फिल्म ‘शहंशाह’ हैं।’
‘टॉक्सिक’ की डायरेक्टर गीतू मोहनदास की जमकर की तारीफ
‘पंगा’ और ‘फाडू’ की डायरेक्टर ने आगे गीतू मोहनदास की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की तारीफ की। यश स्टारर ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर वह काफी उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा, ‘मैं गीतू के लिए बहुत-बहुत खुश हूं कि उन्होंने इस तरह की फिल्म बनाई, और साथ ही कई और कहानीकारों के लिए एक प्रेरणा बनीं। मुझे लगता है कि यह सब फिल्म बनाने वाले पर विश्वास और भरोसे की बात है, इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किस जेंडर का है। मुझे हमेशा लगता है कि एक अच्छा कहानीकार हमेशा एक अच्छा कहानीकार ही रहेगा, बस फर्क इतना है कि बजट बढ़ जाता है, या उतना ही रहता है।’
अश्विनी ने ‘टॉक्सिक’ के लिए यश को किया सलाम
अश्विनी ने ‘टॉक्सिक’ में यश के सहयोग की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘गीतू का साथ देने के लिए और यह पक्का करने के लिए कि इस तरह की फिल्म को रिलीज के लिए सही मौका मिले, यश को मेरा सलाम है। मुझे लगता है कि यह बहुत बढ़िया बात है।’ गौरतलब है कि नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ में यश ना सिर्फ रावण के रोल में नजर आएंगे, बल्कि वह नमित मल्होत्रा के साथ इस फिल्म के को-प्रोड्यूसर भी हैं।
अश्विनी अय्यर तिवारी भी ‘धुरंधर’ की मुरीद, पहले ही दिन देखेंगी ‘धुरंधर 2’
फिल्ममेकर ने यह भी बताया कि वह दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने-समझने के लिए अक्सर सिनेमाघरों में जाकर फिल्में देखती हैं। वह कहती हैं, ‘इसी वजह से मैंने हाल ही ‘धुरंधर’ देखी। मेरे लिए यह एक तरह का मार्केट चेक था, यह देखने के लिए कि दर्शकों को क्या चीज खुश करती है, और यह हमारे लिए बहुत जरूरी है। मैं 19 मार्च को ‘धुरंधर 2′ देखने का प्लान बना रही हूं।’
कौन हैं अश्विनी अय्यर तिवारी
मुंबई में 15 अक्टूबर 1979 को पैदा हुईं अश्विनी अय्यर तिवारी एक राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने कई साल विज्ञापन की दुनिया में काम किया है। साल 2016 में कॉमेडी-ड्रामा ‘निल बटे सन्नाटा’ से उन्होंने बॉलीवुड में बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया। इस फिल्म की बड़ी तारीफ हुई थी। अश्विनी ने बाद में इसे तमिल में ‘अम्मा कनकू’ नाम से भी रीमेक किया। वह फिल्मी दुनिया से पहले ‘लियो बर्नेट’ में एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर काम करती थीं। साल 2017 में रिलीज अश्विनी की रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा ‘बरेली की बर्फी’ सुपरहिट रही थी। उन्हें ‘निल बटे सन्नाटा’ के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर और ‘बरेली की बर्फी’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुका है।
अश्विनी अय्यर तिवारी का बचपन, एजुकेशन और करियर
तमिल परिवार में जनमीं अश्विनी अय्यर का बचपन मुंबई में बीता। उन्होंने मुलुंड के सेंट मैरी कॉन्वेंट हाई स्कूल से पढ़ाई की है और फिर SIES कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट हुईं। वह मुंबई के सोफिया पॉलिटेक्निक से कमर्शियल आर्ट्स में गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं। विज्ञापन एजेंसी ‘लियो बर्नेट (इंडिया)’ में 15 साल काम करने के बाद उन्होंने फिल्ममेकिंग के प्रति अपने जुनून को पूरा करने के लिए वह इंडस्ट्री छोड़ दी।
अश्विनी अय्यर तिवारी की फिल्में
अश्विनी अय्यर ने साल 2012 में अपनी पहली शॉर्ट फिल्म ‘What’s for Breakfast’ बनाई थी। बाद में 2016 में, उन्होंने ‘निल बटे सन्नाटा’ से फीचर फिल्मों में डेब्यू किया। वह अब तक 8 फिल्में डायरेक्ट कर चुकी हैं। इनमें ‘निल बटे सन्नाटा’ और उसके तमिल रीमेक ‘अम्मा कनकू’ के अलावा, ‘बरेली की बर्फी’, ‘पंगा’, ‘घर की मुर्गी’ (शॉर्ट फिल्म) शामिल हैं। OTT पर रिलीज फिल्मों ‘तरला’, ‘बवाल’ और ‘तुमसे ना हो पाएगा’ की वह प्रोड्यूसर हैं। इसके अलावा उन्होंने OTT के लिए एंथोलॉजी फिल्म ‘अनकही कहानियां’, डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘ब्रेक पॉइंट’ और वेब सीरीज ‘फाडू’ का भी डायरेक्शन किया है।

































