वॉशिंगटन: ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के मिसाइल हमले में अमेरिका के पांच रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचा है। दो अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी मिसाइल हमल के दौरान ये विमान जमीन पर ही थे। उन्होंने बताया कि जो विमान प्रभावित हुए, वे अमेरिकी एयरफोर्स से KC-135 रीफ्यूलिंग टैंकर थे।
अमेरिकी एयरटैंकरों को नुकसान
अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में हुए हमले के दौरान इन टैंकरों पर चोट लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि टैंकर क्षतिग्रस्त तो हुए थे, लेकिन पूरी तरह नष्ट नहीं हुए थे और अब उनकी मरम्मत की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलों में किसी की जान नहीं गई। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
अब तक 7 रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट बने शिकार
यह घटना गुरुवार को वायु सेना के दो KC-135 रीफ्यूलिंग टैंकर की आपस में टक्कर होने के बाद सामने आई है। इस हादसे में एयर रीफ्यूलिंग टैंकर जमीन पर गिरकर क्रैश हो गया था, जबकि दूसरा सुरक्षित लैंड करने में सफल रहा था। पेंटागन ने शुक्रवार को बताया कि प्लेन क्रैश में उसमें सवार चालक दल के सभी छह सदस्य मारे गए थे। अब 5 विमानों पर हमले की जानकारी के साथ ही अमेरिकी वायुसेना के नष्ट का नुकसान हुए विमानों की संख्या 7 हो गई है
अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान कर रहा हमले
अमेरिका ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया था। शुरुआती हमले में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, रक्षा मंत्री अजीज नासेर जादेह, रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपोर समेत कई प्रमुख लोग मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान पूरे मिडिल ईस्ट में मौजूद अलग-अलग बेस पर अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ढांचे को निशाना बना रहा है। ईरान के सुरक्षा चीफ अली लारीजानी ने कहा है कि अमेरिका को इस हमले के लिए पछताना पड़ेगा। लारीजानी ने यह भी कहा कि अली खामेनेई के खून की कीमत ट्रंप को चुकानी होगी।

































