नई दिल्ली: केवीएस मणियन बैंकिंग जगत में जाना-माना नाम हैं। वह फेडरल बैंक के एमडी और सीईओ हैं। सितंबर 2024 में उन्होंने इस बैंक की कमान संभाली थी। इस बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन (एम-कैप) करीब 68,000 करोड़ रुपये है। कोटक महिंद्रा बैंक में 25 साल से ज्यादा समय बिताने के बाद वह फेडरल बैंक से जुड़े थे। जब मणियन ने कोटक महिंद्रा बैंक छोड़ा था तब उनका पैकेज करीब 5.86 करोड़ रुपये था। उन्होंने कोटक बैंक को पावरहाउस बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। केरल के पलक्कड़ से ताल्लुक रखने वाले मणियन आईआईटी-बीएचयू के पढ़े हैं। आइए, यहां केवीएस मणियन की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।
बीएचयू से इंजीनियरिंग फिर मैनेजमेंट की पढ़ाई
केवीएस मणियन मूल रूप से केरल के पलक्कड़ के रहने वाले हैं। वह आईआईटी-बीएचयू के पढ़े हैं। इस संस्थान से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से फाइनेंशियल मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिग्री ली। इस डिग्री के साथ मणियन ने अपनी फाइनेंशियल समझ को और बेहतर बनाया। वह एक क्वालिफाइड कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट भी हैं। यह टेक्निकल और फाइनेंशियल दोनों डोमेन में उनके व्यापक स्किल सेट को दिखाता है।
कोटक महिंद्रा बैंक में लीडरशिप
कोटक महिंद्रा बैंक में अपने कार्यकाल के दौरान केवीएस मणियन ने इसे एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) से भारत के प्रमुख प्राइवेट-सेक्टर बैंकों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी देखरेख में कॉर्पोरेट, इंस्टीट्यूशनल और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के साथ वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन भी शामिल थे। इससे उन्हें मजबूत ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने में मदद मिली। टेक्नोलॉजी में तरक्की पर उनके जोर ने कोटक की ट्रांजैक्शन बैंकिंग क्षमताओं को काफी बढ़ाया। मणियन की लीडरशिप में कोटक महिंद्रा बैंक के कॉर्पोरेट साइज और प्रॉफिटेबिलिटी में जोरदार बढ़ोतरी हुई। इससे इंडस्ट्री में एक लीडर के तौर पर उसकी जगह मजबूत हुई। साथ ही, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस फले-फूले और मार्केट में उनका दबदबा बना रहा।
रिटेल बैंकिंग की बदली सूरत
रिटेल बैंकिंग में कंज्यूमर बैंकिंग के प्रेसिडेंट के तौर पर केवीएस मणियन के कार्यकाल में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। यह एक दशक के अंदर एक ब्रांच से बढ़कर देश भर में 600 से ज्यादा ब्रांच और 1,000 ATM तक पहुंच गई। उन्होंने कोटक के रिटेल लायबिलिटी बिजनेस की स्थापना को लीड किया। पूरे कंज्यूमर बैंकिंग डिवीजन को सफलतापूर्वक मैनेज किया। इससे रिटेल बैंकिंग सेक्टर में कोटक महिंद्रा बैंक की एक मजबूत कंपनी के तौर पर पहचान पक्की हुई।
5.86 करोड़ के पैकेज पर छोड़ी थी नौकरी
पहले जॉइंट एमडी के तौर पर केवीएस सुब्रमणियन ने 30 अप्रैल, 2024 को कोटक महिंद्रा बैंक से इस्तीफा दे दिया। CNBC रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर में उनका पैकेज 5.86 करोड़ रुपये था। उसी साल सितंबर में वह फेडरल बैंक से जुड़ गए। उन्होंने श्याम श्रीनिवासन की जगह ली। श्रीनिवासन का कार्यकाल 14 साल का रहा। केवीएस मणियन ने एमडी और सीईओ के तौर पर बैंक की कमान अपने हाथों में ली।
नई दिल्ली: केवीएस मणियन बैंकिंग जगत में जाना-माना नाम हैं। वह फेडरल बैंक के एमडी और सीईओ हैं। सितंबर 2024 में उन्होंने इस बैंक की कमान संभाली थी। इस बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन (एम-कैप) करीब 68,000 करोड़ रुपये है। कोटक महिंद्रा बैंक में 25 साल से ज्यादा समय बिताने के बाद वह फेडरल बैंक से जुड़े थे। जब मणियन ने कोटक महिंद्रा बैंक छोड़ा था तब उनका पैकेज करीब 5.86 करोड़ रुपये था। उन्होंने कोटक बैंक को पावरहाउस बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। केरल के पलक्कड़ से ताल्लुक रखने वाले मणियन आईआईटी-बीएचयू के पढ़े हैं। आइए, यहां केवीएस मणियन की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।
बीएचयू से इंजीनियरिंग फिर मैनेजमेंट की पढ़ाई
केवीएस मणियन मूल रूप से केरल के पलक्कड़ के रहने वाले हैं। वह आईआईटी-बीएचयू के पढ़े हैं। इस संस्थान से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से फाइनेंशियल मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिग्री ली। इस डिग्री के साथ मणियन ने अपनी फाइनेंशियल समझ को और बेहतर बनाया। वह एक क्वालिफाइड कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट भी हैं। यह टेक्निकल और फाइनेंशियल दोनों डोमेन में उनके व्यापक स्किल सेट को दिखाता है।
कोटक महिंद्रा बैंक में लीडरशिप
कोटक महिंद्रा बैंक में अपने कार्यकाल के दौरान केवीएस मणियन ने इसे एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) से भारत के प्रमुख प्राइवेट-सेक्टर बैंकों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी देखरेख में कॉर्पोरेट, इंस्टीट्यूशनल और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के साथ वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन भी शामिल थे। इससे उन्हें मजबूत ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने में मदद मिली। टेक्नोलॉजी में तरक्की पर उनके जोर ने कोटक की ट्रांजैक्शन बैंकिंग क्षमताओं को काफी बढ़ाया। मणियन की लीडरशिप में कोटक महिंद्रा बैंक के कॉर्पोरेट साइज और प्रॉफिटेबिलिटी में जोरदार बढ़ोतरी हुई। इससे इंडस्ट्री में एक लीडर के तौर पर उसकी जगह मजबूत हुई। साथ ही, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस फले-फूले और मार्केट में उनका दबदबा बना रहा।
रिटेल बैंकिंग की बदली सूरत
रिटेल बैंकिंग में कंज्यूमर बैंकिंग के प्रेसिडेंट के तौर पर केवीएस मणियन के कार्यकाल में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। यह एक दशक के अंदर एक ब्रांच से बढ़कर देश भर में 600 से ज्यादा ब्रांच और 1,000 ATM तक पहुंच गई। उन्होंने कोटक के रिटेल लायबिलिटी बिजनेस की स्थापना को लीड किया। पूरे कंज्यूमर बैंकिंग डिवीजन को सफलतापूर्वक मैनेज किया। इससे रिटेल बैंकिंग सेक्टर में कोटक महिंद्रा बैंक की एक मजबूत कंपनी के तौर पर पहचान पक्की हुई।
5.86 करोड़ के पैकेज पर छोड़ी थी नौकरी
पहले जॉइंट एमडी के तौर पर केवीएस सुब्रमणियन ने 30 अप्रैल, 2024 को कोटक महिंद्रा बैंक से इस्तीफा दे दिया। CNBC रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर में उनका पैकेज 5.86 करोड़ रुपये था। उसी साल सितंबर में वह फेडरल बैंक से जुड़ गए। उन्होंने श्याम श्रीनिवासन की जगह ली। श्रीनिवासन का कार्यकाल 14 साल का रहा। केवीएस मणियन ने एमडी और सीईओ के तौर पर बैंक की कमान अपने हाथों में ली।

































