मैड्रिड: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को एक ‘बहुत बड़ी गलती’ कहा है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्पेन के साथ व्यापार समझौते तोड़ने की धमकी दे चुके हैं। पीएम सांचेज ईरान के खिलाफ हमले शुरू होने के बाद से ही अपने "No to war" मैसेज को दोहरा रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई बार सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
स्पेन से क्यों चिढ़े हुए हैं ट्रंप
इससे पहले स्पेन ने अमेरिका के उस अनरोध को मानने से इनकार कर दिया था, जिसमें ईरान पर हमला करने के लिए दक्षिणी स्पेन में मिलकर बेस चलाने की बात कही गई थी। स्पेन ने दो-टूक कहा है कि वह किसी तीसरे देश के खिलाफ अपने सैन्य अड्डे के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देगा। इसी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने स्पेन से सभी व्यापारिक समझौते तोड़ने की धमकी दी थी। उन्होंने स्पेन को एक बुरा देश करार दिया था।
ट्रंप-सांचेज में पुरानी अदावत
ईरान के खिलाफ लड़ाई में साथ देने से इनकार सांचेज और ट्रंप के बीच अनबन का पहला मामला नहीं है। इससे पहले, उन्होंने ट्रंप की मांग के मुताबिक डिफेंस खर्च बढ़ाने के वादे में NATO साथियों के साथ शामिल होने से इनकार कर दिया था। वह गाजा में इजरायल के युद्ध के भी कड़े आलोचक थे, जिसे दुनिया भर में विरोध के बावजूद ट्रंप ने समर्थन किया है। स्पेन ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते भी रद्द किए थे।
जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने स्पेन के पीएम सांचेज के बयान को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "NATO के सदस्य स्पेन के प्रधानमंत्री ने अभी-अभी ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले को एक बहुत बड़ी गलती और इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन बताया है। ऐसा कहने की उनकी हिम्मत की तारीफ होनी चाहिए। हमारे मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी उनकी कायरता और डरपोकपन को दिखाती है।"






































