● अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश, हमारा मध्यप्रदेश पर्यटन की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश
● पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन
● पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से किया गया सम्मानित
● प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा संपूर्ण भारत वर्ष
● 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का हो रहा निर्माण
● विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के स्वप्न को साकार करने के लिये संकल्पित है हमारी सरकार
● वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को ‘क्रिएटिव सिटी’ के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता
● हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना
● विकास और सेवा के 2 वर्ष पर पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी
भोपाल : पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश संपूर्ण भारत में एवं वैश्विक पटल पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित हो ऐसी हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निश्चित ही आपको पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक अद्वितीय कार्य देखने को मिलेंगे। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं। विगत 2 वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होमस्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये हैं। जिनसे ग्रामीण परिवारों को 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है। सरकार का लक्ष्य 1000 हजार होम स्टे निर्माण करने का है। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे बड़े आयोजन किये गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, संचालक संस्कृति विभाग श्री एन. पी. नामदेव तथा विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओमकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424 करोड़ से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार द्वारा जो विकास कार्य एवं नवाचार किये गये हैं, उसी का परिणाम है कि पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार द्वारा 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। विगत 2 वर्षों में सरकार द्वारा भगवान श्री राम को समर्पित श्री रामचन्द्र वनगमन पथ की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया है, और युग अवतार भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित श्री कृष्ण पाथेय योजना की संकल्पना को स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में 15 जिलों के साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा चुके हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार द्वारा उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर, महेश्वर जैसे अनेक स्थानों पर विशिष्टता को सम्मिलित करते हुये पूरे प्रदेश में संग्रहालयों की एक नवीन श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। संस्कृति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 8 विश्व कीर्तिमान स्थापित किये हैं। विगत 2 वर्षों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ हीं विगत 2 वर्षों में 132 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार भी हमारी सरकार द्वारा किया गया है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये आने वाले समय में 500 नये होटलों के माध्यम से 20 हजार कक्षों और 500 मार्ग सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। समावेशी विकास एवं सेफ टूरिज्म के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को ‘क्रिएटिव सिटी’ के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग
दो वर्षों की उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना
● मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 20 ट्रेनों का सफल संचालन कर 16 हजार तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।
● वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 08 ट्रेनों का सफल संचालन कर 6 हजार 400 तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।
● 25 वायुयानों से 800 यात्रियों को लाभान्वित किया गया।
मंदिरों का जीर्णोद्धार
● विगत दो वर्षों में शासन संधारित 132 मंदिरो के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किये गये।
● शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिये लगभग 32 करोड़ का अनुदान आबंटित किया गया है।
● शासन संधारित देवालयों में पुजारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये।
● पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की गई।
शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण
● प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण किया गया। जिसका डिजिटलाइजेशन का कार्य प्रकियाधीन है।
नवाचार
● धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के बीच विरासत संरक्षण, रेट्रोफिंटिंग और स्मारकों के पुनर्वास, मंदिर परिसरों और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाली सुविधाओं सहित परामर्श सेवाओं के सभी पहलुओं को शामिल कर समझौता एम.ओ.यू. किया गया।
पर्यटन विभाग
दो वर्षों की उपलब्धियाँ
नई पर्यटन नीति -2025 एवं नई फिल्म पर्यटन नीति -2025
● मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये नई पर्यटन नीति 2025 बनाई गई, जिसके तहत पर्यटन के क्षेत्र में निवेश से संबंधित प्रावधानों को अधिक पारदर्शी और सरल किया गया ।
● मध्यप्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने तथा इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये नई फिल्म पर्यटन नीति 2025 बनाई गई, जिसके तहत फिल्म निर्माण से संबंधित अनुमतियों एवं अनुदान संबंधी अधिक पारदर्शी प्रावधान किये गये हैं, साथ ही स्थानीय विषयों एवं मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं विरासत से संबंधित विषयों पर फिल्म निर्माण हेतु अतिरिक्त अनुदान की व्यवस्था की गई है।
अंतरराज्यीय पर्यटन वायु सेवा एवं पर्यटन हेली सेवा का प्रारंभ
● मध्यप्रदेश के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को वायुसेवा से जोड़ने के लिये पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा प्रारंभ की गई है।
● पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा से मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सिंगरौली, खजुराहो, उज्जैन एवं सतना को जोड़ा गया।
● प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘पर्यटन हेली सेवा’ प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेश को तीन सेक्टर में बांटकर सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को वायु सेवा से जोड़ा गया है।
विश्व धरोहर विस्तार
● वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश के 15 और स्थलों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया यह दर्शाता है कि राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता विश्व मानकों पर खरा उतरती है। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 15 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं।
● ओरछा, माण्डू एवं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में सम्मिलित करने हेतु नॉमिनेशन डोजियर यूनेस्को को प्रस्तुत।
● भेड़ाघाट एवं लम्हेटाघाट को विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित करने हेतु नॉमिनेशन डोजियर शीघ्र प्रस्तुत किया जा रहा है।
अधोसंरचना विकास
● कुशाभाऊ कन्वेशन सेन्टर, भोपाल को अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर के रूप में विकसित किए जाने का कार्य प्रारंभ (राशि रू. 99.38 करोड़)
● उज्जैन में हेरीटेज होटल सम्राट विक्रमादित्य, शहडोल में सरसी आईलैण्ड एवं पचमढ़ी में होलट निलाम्बर स्काई लाइन का संचालन प्रारंभ किया गया।
● विभाग द्वारा अभिनव पहल करते हुये प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित एकमात्र एमपीटी होटल अमलतास, पचमढ़ी का संचालन प्रारंभ किया गया।
● तीन नवीन फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का निर्माण किया गया ।
● ओरछा अ मेडिवल स्पलेंडर का कार्य प्रारंभ (राशि रू. 99.92 करोड़)
● फूलबाग क्षेत्र ग्वालियर, चित्रकूट के घाट, पीताम्बरा पीठ दतिया, अमरकंटक, दुर्गादास की छतरी का विकास का कार्य रूपये 300 करोड़ की लागत से प्रारंभ किये गये।
● चंदेरी में देश के प्रथम क्राफ्ट टूरिज्म विलेज का निर्माण किया गया है। महेश्वर एवं कुक्षी (घाट) में कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं।
● विगत 2 वर्षों में पूरे प्रदेश में 8000 से अधिक कक्षों का निर्माण नवीन होटलों एवं रिजॉर्ट्स में कराया गया। नागरिक अधोसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिये कार्य प्रबंधन साफ्टवेयर एवं पट्टे पर दी गई सम्पत्तियों के रख रखाव के लिये लीज प्रबंधन साफ्टवेयर का उपयोग प्रारंभ किया गया।
ग्रामीण पर्यटन का विस्तार
● ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होम स्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये। हमारा लक्ष्य 1000 होमस्टे निर्माण किये जाने का है।
● अभी तक प्रारंभ इन ग्रामीण होम स्टे में रूकने वाले अतिथियों से ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से रूपये 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है।
आयोजन एवं विपणन (Events & Marketing)
● राष्ट्रीय स्तर पर 10 नगरों में हितधारकों के साथ पर्यटन प्रदर्शनियों में सहभागिता ।
● राष्ट्रीय स्तर पर चैन्नई, विशाखापट्टनम, लखनऊ, वाराणसी एवं जयपुर में रोड शो आयोजन ।
● ट्रेवल एजेंट एवं टूर ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रयागराज एवं नई दिल्ली में आयोजन ।
● अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अरेबियन ट्रैवल मार्केट (ATM) दुबई, IFTM, Top RESA पेरिस (फ्रांस), फुकुयामा (जापान), जापान ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन (JATA) टोक्यो (जापान), Top RESA पेरिस फ्रांस, ITB Asia सिंगापुर, वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (WTM) लंदन, पर्यटन प्रदर्शनियों में सहभागिता ।
● टूरिज्म ट्रेड फेयर (FITUR) मेड्रिड (स्पेन) एवं इंटरनेशनल टूरिज्म बोर्स बर्लिन (ITB ) (जर्मनी) पर्यटन प्रदर्शनियों में सहभागिता प्रस्तावित ।
● मध्यप्रदेश महोत्सव (बैंगलुरु), सूरज कुंड मेला (फरीदाबाद), विक्रमोत्सव (नई दिल्ली), महाकुंभ मेला (प्रयागराज) एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (भोपाल) में सहभागिता
निवेश संवर्धन
● कुल 85 लैण्ड पार्सल्स एवं 12 हेरिटेज परिसम्पत्तियों का आवंटन किया गया। जिसके तहत 511 हेक्टेयर क्षेत्र में 1323 करोड़ का निवेश किया। जिससे 12 लाख अधिक लोगो को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
● दो अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट परियोजनाओं का आंवंटन जिनमें 385 करोड़ का निवेश प्रस्तावित।
● 97 मार्ग सुविधा केन्द्रों का आवंटन किया गया।
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के आयोजन
● रीवा और ग्वालियर में रीजनल ‘’टूरिज्म कान्क्लेव’’ का आयोजन किया गया,
● इन कॉन्क्लेव के माध्यम से लगभग 6 हजार 5 सौ करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
● ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन से संबंधित 06 एमओयू हस्ताक्षर किये गये ।
मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट का आयोजन
● भोपाल में ‘मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट’ का आयोजन किया गया, जिसके देशभर के स्टेकहोल्डर्स तथा 28 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लए यह एक मील का पत्थर है।
● मार्ट के माध्यम से 7 हजार से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों का सफल आयोजन।
● मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट में रूपये 3 हजार 565 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तावित ।
अद्वैत लोक विकास
● आध्यात्मिक केन्द्र के रूप में ओमकारेश्वर में लगभग रूपये 2400 करोड़ की लागत से एकात्म धाम का निर्माण किया जा रहा है। प्रथम चरण में आचार्य शंकराचार्य जी की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है।
● ओमकारेश्वर में एकात्म धाम के द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424.00 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
● संपूर्ण भारत में अद्वैत / वेदांत दर्शन के लोकव्यापीकरण की यह सबसे बड़ी योजना है।
सिंहस्थ – 2028
● उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य होटल निर्मित एवं विस्तार प्रस्तावित ।
● मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा अन्य होटलों की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है।
● उज्जैन के समिपस्थ ग्रामों में ग्रामीण पर्यटन परियोजनाओं का क्रियान्वयन।
● 18 ग्रामों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु प्रस्ताव।
● कुल 180 होमस्टे निर्माण प्रस्तावित।
● महेश्वर में देवी अहिल्या बाई लोक के निर्माण हेतु रूपये 100 करोड़ की योजना स्वीकृत
● ओमकारेश्वर में ओमकारेश्वर परिक्रमा पथ एवं ममलेश्वर लोक हेतु रूपये 200 करोड़ की योजना प्रस्तावित।
● धर्मावलम्बियों को उचित पर्यटन हेतु 500 गाइड प्रस्तावित।
पर्यटन कौशल मिशन का प्रारंभ
● पर्यटन कौशल मिशन की स्थापना की जा चुकी है।
● पर्यटन गतिविधियों से संबंधित कौशल कार्यक्रम विकसित किये जा रहे है।
● विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य संस्थाओं द्वारा पर्यटन कौशल से संबंधित पाठ्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाना है।
● संकल्प पर कार्यवाही 31/12/2026 तक पूर्ण कर ली जायेगी।
एडवेन्चर गतिविधियाँ
● गांधीसागर, कूनो तथा चंदेरी फेस्टीवल जैसे बड़े आयोजन किये गए।
● गांधीसागर में फ्लोटिंग फेस्टीवल, हनुवंतिया में जल महोत्सव, कूनो महोत्सव जैसे बड़े आयोजन किये गये।
● स्काई डाईविंग एवं स्कूबा डाइविंग जैसे एडवेंचर कार्यक्रम प्रारंभ किये गये।
● बाइकिंग, मैराथॉन, मोटर-स्पोर्ट, ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और बर्ड-वॉचिंग जैसी गतिविधियों का संचालन
● ग्लोबल सस्टनेबल टूरिज्म काउंसिल के तहत पचमढ़ी को ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’ हेतु अनुबंध।
● अधिसूचित जल क्षेत्रों में 41 गतिविधियों के लिए लाइसेंस प्रदान किए गए।
● पर्यटकों की सुविधाओं में विस्तार करते हुये पर्यटकों के लिये 11 नए जंगल सफारी वाहन तथा 10 नई केंटर बसों का संचालन राष्ट्रीय उद्यानों एवं टाइगर रिजर्व में प्रारंभ किया गया ।
● पर्यटकों के लिए भोपाल स्थित बोट क्लब में 20 शिकारा बोट, चप्पू बोट तथा 5 नई वाटर साइकिल का संचालन प्रारंभ किया गया है।
● सैलानी आईलैण्ड के बैक वाटर में पर्यटकों के लिये कयाकिंग की शुरूआत की गई।
● मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में फूड फेस्टीवल, मैंगो फूड फेस्टिवल एवं भोपाल में पोंगल फूड फेस्टिवल जैसे अनेक सफल आयोजन किये गये।
निमाड़, मालवा एवं चंबल के व्यंजनों हेतु फूड फेस्टिवल का आयोजन
● निमाड़, मालवा एवं चंबल के व्यंजनों की समृद्ध विरासत को प्रोत्साहित करने हेतु, हनुमंतियां खण्डवा (मालवा क्षेत्र) पालनपुर, कुनो (चंबल क्षेत्र) चन्देरी, अशोकनगर (ग्वालियर क्षेत्र) एवं सागर मंदसौर (मालवा क्षेत्र) में उच्च स्तरीय टेंट सिटी लगाकर आयोजन किया जा रहा है।
● ये आयोजन आगामी 10 वर्षों तक लगातार किये जायेंगे।
पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि
● वर्ष 2023-24 में लगभग 11 करोड़ 21 लाख पर्यटकों का आगमन मध्यप्रदेश में हुआ।
● वर्ष 2024-25 में लगभग 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन मध्यप्रदेश में हुआ।
● मध्यप्रदेश में साल दर साल पर्यटकों की संख्या में 20 प्रतिशत से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है।
● मध्यप्रदेश देश के सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन गंतव्यों में से एक के रूप स्थापित
सम्मान एवं पुरस्कार
● 8वें ट्रैवल एंड हॉस्पिटेलिटी अवार्ड्स (हॉस्पिटेलिटी इंडिया) सर्वश्रेष्ठ राज्य पर्यटन बोर्ड और ‘प्रचार-प्रसार के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य’ पुरस्कार ।
● वर्सेटाइल एक्सीलेंस ट्रैवल अवॉर्ड्स (VETA) – (Travel Scape मैगजीन) “लीडिंग हेरिटेज टूरिज्म डेस्टिनेशन’ (Leading Heritage Tourism Destination)” पुरस्कार ।
● साउथ एशिया ट्रैवल एवं टूरिज्म एग्जीबिशन (SATTE) (Travel Trends Today (T3) मैगजीन) “सर्वश्रेष्ठ राज्य पर्यटन पुरस्कार” ।
● इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स (DDP Publication) बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड पुरस्कार ।
● हेरिटेज टूरिज्म – बेस्ट स्टेट’ अवॉर्ड (द वीक मैगजीन) “गोल्डन बैनयन अवॉर्ड” पुरस्कार ।
● 11वां वार्षिक माइस् पर्यटन शिखर सम्मेलन एवं इंडिया माइस् अवार्ड्स 2025 (M/s TravTour MICE Guide) “Most Focused MICE Destination of India” पुरस्कार
● IATO 2024: राज्य द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रचार प्रकाशन
● Today’s Traveler Awards 2024: पर्यटन संवर्धन मेलों और त्योहारों के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य
● Global Tourism Awards 2024: सर्वश्रेष्ठ सतत राज्य किडजानिया पुरस्कार
● ICRT इंडिया अवॉर्डस 2024 – रिस्पांसिबल टूरिज्म परियोजना को “Making Travel Inclusive” श्रेणी में स्वर्ण अवार्ड
● ट्रैवल वर्ल्ड ऑनलाइनः ग्लोबल टूरिज्म अवॉर्डज़ 2024 रिस्पांसिबल टूरिज्म मिशन हेतु “बेस्ट सस्टेनेबल स्टेट टूरिज्म अवार्ड
● पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा साबरवानी एवं लाड़पुरा ग्राम (रिस्पांसिबल टूरिज्म) एवं ग्राम प्राणपुर (क्राफ्ट विलेज) “बेस्ट टूरिज्म विलेज 2024′ अवार्ड से सम्मानित
● ग्रीन लीफ़ रेटिंग सिस्टम अवार्ड 2024 ग्राम छेड़का के ग्रामस्टे सम्मलित
● नेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस 2025 – रिस्पांसिबल टूरिज्म परियोजना को “Most Effective & Transformational Responsible Tourism Project of the Year” अवार्ड प्राप्त
● MP Excellence Awards 2025 “ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन अंतर्गत होमस्टे संचालन हेतु 02 महिलाओं को एवं STDW अंतर्गत सतपुडा नेशनल पार्क में गाईडिंग हेतु माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन द्वारा उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित ।
● ATOAI के 16वें अधिवेशन (तवांग, अरुणाचल प्रदेश) में ‘’Best State of Adventure Tourism Award’’ प्राप्त।
● Inland Water Tourism Excellence Award 2024 – अंतर्राष्ट्रीय ट्रेवल मैगज़ीन LUX Life द्वारा।
● क्राफ्ट हैण्डलूम टूरिज्म विलेज, प्राणपुर को बेस्ट टूरिज्म विलेज का अवार्ड प्राप्त ।
































